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Seven Chakras: विशेष शक्ति के केंद्र हैं हमारे शर…

Seven Chakras:  हमारे शरीर में सात चक्र होते हैं – मूलाधार, स्वाधिष्ठान, मणिपुर, अनाहत, विशुद्ध, आज्ञा और सहस्त्रार जो कि इसी क्रम में मानव शरीर में नीचे से ऊपर की तरफ स्थित होते हैं..

Vishnu Chalisa: विष्णु जी के भक्त हैं आप तो पढ़िये…

श्री विष्णु चालीसा भगवान विष्णु की स्तुति में रचित एक पावन भक्ति ग्रंथ है। विष्णु जी को जगत के पालनहार, धर्म की रक्षा करने वाले और करुणा व न्याय के स्वरूप के रूप में

Maharshi Katyayan : वैदिक यज्ञ, गृह्यसूत्र, धर्मसू…

  स्कंदपुराण में महर्षि कात्यायन को याज्ञवल्क्य का पुत्र बताया गया है। वैदिक साहित्य में उनका स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कात्यायन श्रौतसूत्र, कात्यायन गृह्यसूत्र, प्रतिहार सूत्र और शुक्ल यजु:पार्षत् जैसे प्रमुख ग्रंथों की

 Phulera Dooj 2026: राधा-कृष्ण के प्रेम और वसंत के…

फुलेरा दूज फाल्गुन शुक्ल द्वितीया को मनाया जाने वाला एक विशेष हिंदू पर्व है। यह दिन राधा-कृष्ण के प्रेम का प्रतीक माना जाता है और साथ ही बसंत ऋतु के आगमन का भी संकेत

Daily Aarti Benefits: रोजाना पूजा में एक आरती से प…

  धार्मिक ग्रंथों में कहा गया है कि जिस स्थान पर प्रतिदिन नियमपूर्वक ईश्वर की उपासना और स्वच्छता का पालन किया जाता है, वहाँ सदैव देवताओं का वास होता है। पूजा केवल एक शब्द

Piercing: नाक- कान छेदना और खतना: परंपरा, विज्ञान …

Piercing: नाक छिदाना या कान छिदाना या खतना कराना -ये क्रियायें ऊपर से समझ नहीं आतीं पर इनके पीछे काम करता है एक गहरा विज्ञान जो ऊर्चा प्रवाह की दिशा और दशा से जुड़ा

Mahashivratri 2026: आखिर भगवान शिव से इतनी नफरत क्…

महाशिवरात्रि 2026: हिंदू धर्म में भगवान शिव को देवों के देव महादेव कहा जाता है, जिनकी पूजा पूरी दुनिया बड़ी श्रद्धा से करती है। इस साल 15 फरवरी को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा,

Lord Shiva: शिव ही सर्वस्व हैं !…

शिव आदि देव है। वे महादेव हैं, सभी देवों में सर्वोच्च और महानतम शिव को ऋग्वेद में रुद्र कहा गया है। पुराणों में उन्हें महादेव के रूप में स्वीकार किया गया है। श्वेता श्वतरोपनिषद्

Sphatik Shila; चित्रकूट की वो दिव्य चट्टान जहाँ आज…

Sphatik Shila: यहाँ इस लेख में उत्तराखंड की धर्मनगरी चित्रकूट में स्थित स्फटिक शिला के महत्व और उससे जुड़ी कथा का रसास्वादन कीजिये.. चित्रकूट की पवित्र भूमि पर, मंदाकिनी नदी के शांत किनारे एक