Sphatik Shila; चित्रकूट की वो दिव्य चट्टान जहाँ आज…

Sphatik Shila: यहाँ इस लेख में उत्तराखंड की धर्मनगरी चित्रकूट में स्थित स्फटिक शिला के महत्व और उससे जुड़ी कथा का रसास्वादन कीजिये.. चित्रकूट की...

Maa Shakambhari Devi: माँ शाकंभरी महिमा: जब जगदम्ब…

  हिंदू धर्मग्रंथों में माँ शाकंभरी को ‘प्रकृति की देवी’ और ‘पोषण की अधिष्ठात्री’ माना गया है। माँ का यह अवतार पूर्णतः दया और मानवता...

Tulsi: तुलसी महिमा -आयु, आरोग्य और सौभाग्य प्रदान …

सनातन सृस्कृति में तुलसी को माँ कहा गया है ..इस लेख में जानिये तुलसी के धार्मिक पौधे के विभिन्न अद्भुत लाभ.. हिंदू धर्म और भारतीय...

जटायु और भीष्म: दो प्रतीक ‘इच्छा मृत्युR…

  अध्यात्म और नैतिकता के धरातल पर रामायण और महाभारत के दो महान पात्रों—गीधराज जटायु और पितामह भीष्म—का अंत समय हमें कर्म की प्रधानता का...

श्री दुर्गियाना मंदिर – Shri Durgiana Mandir…

श्री दुर्गियाना मंदिर जिसे श्री दुर्गियाना तीरथ, लक्ष्मी नारायण मंदिर या शीतला माता मंदिर के नाम से भी जाना जाता है जो की अमृतसर पंजाब में स्थित है। इस मंदिर...

गुरु स्तुति – मंत्र (Guru Stuti)…

अखण्डमण्डलाकारं व्याप्तं येन चराचरम् ।तत्पदं दर्शितं येन तस्मै श्रीगुरवे नमः ॥1 अज्ञानतिमिरान्धस्य ज्ञानाञ्जनशलाकया ।चक्षुरुन्मीलितं येन तस्मै श्रीगुरवे नमः ॥2 गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः ।गुरुरेव परम्ब्रह्म...

गजेंद्र मोक्ष स्तोत्र – श्री विष्णु (Gajendr…

श्री शुक उवाच –एवं व्यवसितो बुद्ध्या समाधाय मनो हृदि ।जजाप परमं जाप्यं प्राग्जन्मन्यनुशिक्षितम ॥१॥ गजेन्द्र उवाच –ऊं नमो भगवते तस्मै यत एतच्चिदात्मकम ।पुरुषायादिबीजाय परेशायाभिधीमहि ॥२॥ यस्मिन्निदं यतश्चेदं...