February 18, 2026

Maharshi Katyayan : वैदिक यज्ञ, गृह्यसूत्र, धर्मसू…

  स्कंदपुराण में महर्षि कात्यायन को याज्ञवल्क्य का पुत्र बताया गया है। वैदिक साहित्य में उनका स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कात्यायन श्रौतसूत्र, कात्यायन गृह्यसूत्र, प्रतिहार सूत्र और शुक्ल यजु:पार्षत् जैसे प्रमुख ग्रंथों की
February 5, 2026

जटायु और भीष्म: दो प्रतीक ‘इच्छा मृत्युR…

  अध्यात्म और नैतिकता के धरातल पर रामायण और महाभारत के दो महान पात्रों—गीधराज जटायु और पितामह भीष्म—का अंत समय हमें कर्म की प्रधानता का एक अत्यंत मार्मिक और गहरा संदेश देता है। यद्यपि
November 28, 2025

गुरु स्तुति – मंत्र (Guru Stuti)…

अखण्डमण्डलाकारं व्याप्तं येन चराचरम् ।तत्पदं दर्शितं येन तस्मै श्रीगुरवे नमः ॥1 अज्ञानतिमिरान्धस्य ज्ञानाञ्जनशलाकया ।चक्षुरुन्मीलितं येन तस्मै श्रीगुरवे नमः ॥2 गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः ।गुरुरेव परम्ब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः ॥3 स्थावरं जङ्गमं व्याप्तं यत्किञ्चित्सचराचरम् ।तत्पदं