रामायण हो या महाभारत दोनों ही धर्म ग्रंथ हिंदू धर्म मानने वालों के लिए बहुत पूजनीय है। इनसे जुड़ी कई बातें ऐसी हैं, जो इन ग्रंथों के बारे में जब देखने या सुनने
अध्यात्म और नैतिकता के धरातल पर रामायण और महाभारत के दो महान पात्रों—गीधराज जटायु और पितामह भीष्म—का अंत समय हमें कर्म की प्रधानता का एक अत्यंत मार्मिक और गहरा संदेश देता है। यद्यपि