प्रतिदिन कीजिये ये आरती

Daily Aarti Benefits: रोजाना पूजा में एक आरती से पाएं सभी देवी-देवताओं की कृपा

 

धार्मिक ग्रंथों में कहा गया है कि जिस स्थान पर प्रतिदिन नियमपूर्वक ईश्वर की उपासना और स्वच्छता का पालन किया जाता है, वहाँ सदैव देवताओं का वास होता है। पूजा केवल एक शब्द नहीं बल्कि एक गहरी भावना है, जो साधक को ईश्वर से जोड़ती है। इसके माध्यम से व्यक्ति मानसिक शांति का अनुभव करता है और स्वयं को भगवान के प्रति समर्पित करता है।

अधिकतर घरों में दिन की शुरुआत देवी-देवताओं की उपासना और उनके स्मरण से होती है। इसका प्रभाव जीवन को मंगलमय और सुखद बनाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सुबह की आरती से इष्ट देवों की कृपा बनी रहती है। आरती करने से पूजा का संपूर्ण फल प्राप्त होता है और दुखों का निवारण होता है।

लेकिन अक्सर यह प्रश्न उठता है कि पूजा में कौन सी आरती करनी चाहिए। मान्यताओं के अनुसार, भगवान विष्णु की आरती रोजाना करनी चाहिए। भगवान विष्णु संपूर्ण सृष्टि के संचालक हैं। यदि सुबह सच्चे भाव से उनका स्मरण किया जाए तो सभी देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त होती है। इसके साथ ही जीवन में सुख-शांति, समृद्धि और बरकत बनी रहती है।

      भगवान विष्णु की आरती

ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी! जय जगदीश हरे।
भक्तजनों के संकट क्षण में दूर करे॥

जो ध्यावै फल पावै, दुख बिनसे मन का।
सुख-संपत्ति घर आवै, कष्ट मिटे तन का॥ ॐ जय…॥

मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूं किसकी।
तुम बिनु और न दूजा, आस करूं जिसकी॥ ॐ जय…॥

तुम पूरन परमात्मा, तुम अंतरयामी॥
पारब्रह्म परेमश्वर, तुम सबके स्वामी॥ ॐ जय…॥

तुम करुणा के सागर तुम पालनकर्ता।
मैं मूरख खल कामी, कृपा करो भर्ता॥ ॐ जय…॥

तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति।
किस विधि मिलूं दयामय! तुमको मैं कुमति॥ ॐ जय…॥
दीनबंधु दुखहर्ता, तुम ठाकुर मेरे।

अपने हाथ उठाओ, द्वार पड़ा तेरे॥ ॐ जय…॥

विषय विकार मिटाओ, पाप हरो देवा।
श्रद्धा-भक्ति बढ़ाओ, संतन की सेवा॥ ॐ जय…॥

तन-मन-धन और संपत्ति, सब कुछ है तेरा।
तेरा तुझको अर्पण क्या लागे मेरा॥ ॐ जय…॥

जगदीश्वरजी की आरती जो कोई नर गावे।
कहत शिवानंद स्वामी, मनवांछित फल पावे॥ ॐ जय…॥

 

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